Jan 18, 2020 · मुक्तक
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आँधियों से जंग

हुए बदनाम हम फिर भी मोहब्बत के थपेड़ों में

अकेले चल नहीं पाए समझदारों के मेलों में

शहर की आँधियाँ क्या रोकेंगी मुझे फिर प्यार करने से

मेरी तकरार काफी है तुम्हारे हर एक फसाने में

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''' Topper by chance Writer by passion "" #JHOLACHAAP मेरी जिंदगी वो खुली किताब है... View full profile
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