
Apr 24, 2020 · गज़ल/गीतिका
बताया करो
बेरुखी हो अगर तो बताया करो
हर घड़ी मुँह न अपना फुलाया करो
इस हँसी से ही लगते हो इंसान तुम
झूठ थोड़ा सही मुस्कुराया करो
खूब अच्छा लगेगा मुझे भी अगर
नाम लेकर मेरा तुम बुलाया करो
हम नहीं कह रहे दिल में बैठे रहो
रोज जाया करो रोज आया करो
कौन कहता है यूं ही गुज़र जाएगी
जिंदगी को कभी आजमाया करो


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