* बतादे हाल*

2122 1212 112
तू न मिल बस बता दे हाल हमें।
फिर रहेगा नही मलाल हमें।।

रात भर करवटें बदलती हूं।
रोज तड़पाते हैं खयाल हमें।।

चैन तेरे बिना न पाए दिल
घेर लेते हैं गम के जाल हमें।।

आस में अब तो सांस टूटेगी।
मर न जाऊं न कर हलाल हमें।।

याद तुमको बहुत मैं आऊंगी।
दिल से कितना भी तू निकाल हमें।।

राह तकते ए आँख पथराई।
लेके बाँहों में कर निहाल हमें।

लो न बुझ जाए ज्योति की सोचो
साथ देकर बना मशाल हमें।।

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like 1 Comment 0
Views 7

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share