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बडे राज

Vindhya Prakash Mishra

Vindhya Prakash Mishra

शेर

August 20, 2017

बडे ही राज रक्खे है दिलों मे दबा करके
कभी कह दो बहाने से मौका पा करके
कभी तो खोलिये कुछ राज की गठरी
बहुत कुछ कह रही आंखे जरा आंसू बहा करके।

विन्ध्यप्रकाश मिश्र (विप्र)

Author
Vindhya Prakash Mishra
Vindhya Prakash Mishra Teacher at Saryu indra mahavidyalaya Sangramgarh pratapgarh up Mo 9198989831 कवि, अध्यापक
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