बाल कविता · Reading time: 1 minute

“बच्चे”

“बच्चे”
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हम बच्चे , सबसे अच्छे;

झूठे नहीं , हम ही सच्चे;

हममें ना, कोई बेईमानी,

ना है , छल-कपट कभी;

करते प्यार, हमसे सभी;

भले हम होते थोड़े जिद्दी,

मगर होती है,हममें बुद्धि;

शरारत तो हमारा खेल है,

हमें तो, सबसे ही मेल है;

हम बच्चे , सबसे अच्छे।

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.. ✍️प्रांजल,
…..कटिहार।

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