बच्चे ईश्वर का रूप

बच्चे तो ईश्वर का रूप होते हैं
मैं ही नहीं ऐसा सब कहते है
देखकर उनका प्यारा चेहरा
सभी भाव विभोर होते हैं
भूलकर सब ग़म जिंदगी के
अपने बचपन में खो जाते हैं
बच्चे तो ईश्वर का रूप होते हैं ।।

कहानियों में ही सुने है हमने
कान्हा के बचपन के किस्से
दुर्लभ दर्शन हो जाते है देखकर
भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप के
देखकर बच्चों की शरारतों को
बच्चे तो ईश्वर का रूप होते हैं।।

बच्चों में कोई पाखंड नहीं होता
बच्चा कभी बिना तकलीफ नहीं रोता
वो तो होते है मन्न के सच्चे
उनके लिए कोई पराया नहीं होता
बच्चे तो ईश्वर का रूप होते हैं ।।

पलभर रोते है,अगले ही पल हंसते है
इंसान में तो ऐसा हुनर देखा नहीं
ऐसा तो सिर्फ ईश्वर ही कर पाते है
बच्चे तो ईश्वर का रूप होते हैं ।।

बच्चों का प्यार होता है सबसे सच्चा
मारने पर भी मां की गोद में ही रोता है बच्चा
याद आता है ये देखकर श्री कृष्ण का बचपन
माखन चोरी पर भी अपने को बताते थे सच्चा
बच्चे तो ईश्वर का रूप होते है।।

बच्चे मन के सच्चे, यूं ही नहीं कहते
जो भी हो दिल में सब कुछ है कहते
लड़ते है फिर भी एक दूजे के बिन ना रहते
रोकते जिस काम से, उसी को वो करते
बच्चे तो ईश्वर का रूप होते है।।

बच्चे तो प्यार कि खान होती है
अपने खिलौनों में उनकी जान होती है
जो निर्जीव खिलौनों को इतना प्यार करते है
कैसे मापें, मां बाप से कितना प्यार करते है
बच्चे तो ईश्वर का रूप होते है ।।

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