.
Skip to content

*बचपन*

Dharmender Arora Musafir

Dharmender Arora Musafir

मुक्तक

August 1, 2016

खुशियों का खजाना बचपन
हर ग़म से अंजाना बचपन
कोशिश कोई लाख करे पर
लौट कभी न आना बचपन
*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

Author
Dharmender Arora Musafir
*काव्य-माँ शारदेय का वरदान *