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बचपन

Akib Javed

Akib Javed

कविता

November 14, 2017

मासूम सा चाँद था,तप गया वो समय से पहले
परेशानियों ने बचपन छीन लिया समय से पहले

देख कर दुनिया वालो को घबरा गया वो
बचपन ही अब ठीक हैं बड़े होने से पहले

मतलब मतलब की बाते हैं
मतलब मतलब के यँहा अर्थ

बचपन ही तो ठीक हैं
बड़ा होना हैं यँहा व्यर्थ

बचपन में ना कुछ समझ थी
ना थी किसी भी बातो के अर्थ

वो खेलने कूदने का दौर ही कुछ और था
स्वार्थी दुनिया में अब बड़े होने से पहले!!

~आकिब जावेद

#बालदिवस

Author
Akib Javed
कुछ लिखना चाहता हूँ,सोचता हूँ,शब्दो से खेलता हूँ,सीखता हूँ,लिखता हूँ।।
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