Apr 12, 2017 · कविता
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बचपन की हर बात निराली

?????
बचपन तो बचपन है
बचपन की हर बात निराली।
गुड्डा गुड़िया,खेल खिलौने
बस यादें रह जाती है सारी।
कभी याद कर हम
बीते दिनों की कहनी।
कभी हम मुस्कुराते हैं
कभी निकल आती है ,
आँखों से पानी।
बचपन तो बचपन है
बचपन की हर बात निराली
????-लक्ष्मी सिंह??

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is... View full profile
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