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फौजी

Aug 26, 2017 03:00 PM

‘वतन के लिए जंग में जाते वक्त एक जवान के मन के भाव अपने परिवार के लिए इस कविता द्वारा’-

चल पड़ा हूँ लड़ने देश के लिए मैं जंग,
माँ, होगी दिल में तू हर पल मेरे संग,

जब खून की होली सरहद पर खेली जाएगी,
पापा, तब आपकी प्यार वाली डाँट याद आएगी,

भूलकर सब जंग के लिए मैं तैयार हो जाऊँगा,
बहन, पर तेरे से किया हर वादा मैं निभाऊँगा,

पता नहीं मुझको कि क्या लिखा है जिंदगी में कल,
प्रिय, रहोगी दिल में मेरे तुम हर पल,

चली जाए अगर वहाँ वतन के लिए मेरी जान,
बच्चों, बनाए रखना तुम सदैव घर का मान,

भारत माँ के पुत्र होने का फर्ज बखूबी निभाऊँगा,
चलकर ना सही तो तिरंगे में लिपटकर वापस जरूर आऊँगा

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Ojaswani Sharma
Ojaswani Sharma
Rishikesh, Uttarakhand
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I love to write and the best part about writing the poem is, "Poems never...
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