फिक्र

💞 *समझे बिना किसी को पसंद ना करो और समझे बिना किसी को खो भी मत देना।*

*क्योंकि फिक्र दिल में होती हैं शब्दों में नहीं और गुस्सा शब्दों में होता हैं दिल में नहीं॥*💞

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Nisha garg Own And Famous writer's poem, Shayari, Gajal, etc email I'd gargnisha718@gmail.com
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