Skip to content

फ़िर तेरी याद आ गयी ‘नासिर’

Nasir Rao

Nasir Rao

गज़ल/गीतिका

August 16, 2016

हद से ज़ियादा वबाल कर डाला
फिर खुदा ने ज़वाल कर डाला

अपना इल्ज़ाम मेरे सर डाला
यार तुमने कमाल कर डाला….

एक ताज़ा गुलाब चेहरे को..
एक पुरानी मिसाल कर डाला….

मेरा कासा चटक गया’ शायद
उसने हीरा निकाल कर डाला

दिन गुज़ारा इधर उधर तनहा
रात आई मलाल कर डाला

फ़िर तेरी याद आ गयी ‘नासिर’
देख आँखो को लाल कर डाला

– नासिर राव

Share this:
Author
Nasir Rao
Recommended for you