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फर्क

Shubha Mehta

Shubha Mehta

कविता

September 1, 2016

बंगले में रहने वाली
मेमसाब से
पूछा महाराज ने
आज क्या बनेगा ?
पालक पनीर या शाही पनीर
बिरियानी और खीर ?
मेडम बोलीं
बना लो सभी कुछ ।
उधर झोंपडी में भी
प्रश्न वही था
आज क्या बनेगा?
जाकर देखूं रसोई में
कुछ है क्या?
थोडे से चावल या आटा
मिट जाए भूख
जिससे आज भर की ।

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Author
Shubha Mehta

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