फकीरी मे ही सही

कुछ दिन फकीरी मे ही सही

कुछ दिन गरीबी में ही सही

है परेशान जब तक हम

कुछ दिन जी हजूरी में ही सही

यह मुश्किलें मेरी , वक्त की इनायत है

कुछ दिन भूख भर , ना खाकर ही सही

है अगर जिंदगी सवाल मेरी ,

कुछ दिन बबाल ही सही,

थोड़ी उलझनें अभी बाकी है मेरी,

कुछ दिन वजूद तलाशने में ही सही,

हारा हूँ कई बार अपने शब्दों से मैं ,

कुछ दिन परिभाषा बनाने में ही सही

है दिखावा जिंदगी तो

कुछ दिन फकीरी में ही सही

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