Skip to content

प्रेम

Roli Shukla

Roli Shukla

मुक्तक

December 6, 2017

मुद्दतों का सफर आसानी से कैसे तय कर पाएं हम।
कितनी बेचैनी है इस मन में कैसे तुम्हे दिखाएँ हम।।
तुम तो बहुत नादान हो हमारी मोहब्बत के इस सफर में
मन कर रहा है कि इसी तरह यूँ हद से गुजर जायें हम।

Share this:
Author
Roli Shukla
I am too much passionate n ambitions about my goals

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you