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प्रेम

Roli Shukla

Roli Shukla

मुक्तक

December 6, 2017

मुद्दतों का सफर आसानी से कैसे तय कर पाएं हम।
कितनी बेचैनी है इस मन में कैसे तुम्हे दिखाएँ हम।।
तुम तो बहुत नादान हो हमारी मोहब्बत के इस सफर में
मन कर रहा है कि इसी तरह यूँ हद से गुजर जायें हम।

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Author
Roli Shukla
From: Gonda
I am too much passionate n ambitions about my goals
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