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** प्रेम विवाह की हक़ीक़त **

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

कविता

May 27, 2017

आजकल के प्रेम विवाह की हकीकत

जितनी शिद्दत से प्रेम किया जाता है

मुद्दत से शादी के ख्वाब लिए जाते हैं

और जब शादी हो जाती है उसका हस्र

कुछ इस तरह से होता है, शायद

ख़्वाब से निकलकर हकीकत की

दुनियां में आना ही नही चाहता ।

इसलिए
कल का प्यार पल में तलाक में तब्दील

होते देर नही लगती ।।

?मधुप बैरागी

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Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more
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