May 10, 2017 · कविता
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प्रेम भाव निश्छल देना

ना देना मुझको कोई उपहार
ना धन दौलत मुझको देना
देना हो अगर तुम्हें कुछ
असीम स्नेह-भाव देना ।।
ना देना मुझको कोई गहना,
ना मुझको बंगला गाड़ी देना।
देना हो अगर तुम्हें कुछ
दो पल का साथ मुझे देना।।
ना देना मुझको सोफ़ा
ना साज-सज्जे की सामान देना
देना हो अगर तुम्हें कुछ
बस इज्जत और सम्मान मुझे देना।।
ना देना नये -नये कपड़े
ना मुझको कीमती जेवर देना
देना हो अगर तुम्हें कुछ
अपना अटूट विश्वास देना।।
ना देना मुझको गाड़ी
ना मुझको शोहरत देना
देना हो अगर तुम्हें कुछ
प्रेम-भाव निश्छल देना ।।

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Priyanka Sharma
Priyanka Sharma
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शिक्षा- एम. ए (गोल्ड मेडलिस्ट),बी. एड| बचपन से कविता और कहानियाँ लिखने का शौक|साझा कविता... View full profile
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