प्रेम खुमारी

पावन सदा पुनीत मृदुल सा जहान हो
सुरभित पवन,रंगीन प्रकृति रूपवान हो
रिश्ते प्रगाढ़, प्रेम खुमारी बनी रहे
कोई न हो गरीब सभी का मकान हो।

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poet and story writer
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