प्रीत पर दोहे

दोहे
1
हमने अपनी प्रीत पर ,लिखे यहाँ जो गीत
सात सुरों में बाँध खुद , झूम गया संगीत
2
बादल पर लिख दे घटा , बारिश का तू गीत
रिमझिम के संगीत सँग , थिरकेगी फिर प्रीत
3
प्यारी ये दुनिया लगे, मिलता जब मनमीत
आँखों से पढ़ प्यार को , धड़कन गाती गीत
4
आज मुहब्बत प्यार का ,बदला कितना रूप
सह न सकें अब आँधियाँ ,और कड़ी ये धूप
5
चलो मुहब्बत नीर से, सींचें ये संसार
खिला फूल सद्भाव के , बीने सारे खार

डॉ अर्चना गुप्ता

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