प्रीत तपस्या है उसकी पर बात किसी ने कब मानी

प्रीत तपस्या है उसकी पर बात किसी ने कब मानी
विष का प्याला भी पी डाला राणा की बन कर रानी
बाँध पाँव में घुँघरू नाची इकतारा ले हाथों में
नाम जपे बस गिरधर गिरधर होकर मीरा दीवानी
डॉ अर्चना गुप्ता

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