.
Skip to content

प्रीतम की कुंडलिया..2

Radhey shyam Pritam

Radhey shyam Pritam

कुण्डलिया

September 29, 2017

सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद
***********************
1..कुंडलिया
***********************
दशहरा यूँ मनाइए,मन का रावण ढ़ले।
प्रेम के हवन-यज्ञ में,बुराई पूर्ण जले।।
बुराई पूर्ण जले,पावन हृदय हो जाए।
गले मिल आपस में,भ्रष्ट फ़रेब खो जाए।
सुन प्रीतम की बात,मानव हो जाए खरा।
सच में तब मनेगा,बंधु त्योहार दशहरा।
**************************
2..कुंडलिया
**************************
रिस्ता सबसे यूँ बना,ज्यों सूरज-रोशनी।
सभी के मन भाये है,ज्यों रागो-रागनी।।
ज्यों रागो-रागनी,सुन मिले आनंद घना।
चोली-दामन साथ,रहे मिसाल सदा बना।
सुन प्रीतम की बात,अहं काल तले पिस्ता।
तज जीवन से इसे,प्रेम का साधो रिस्ता।
***************************
3..कुंडलिया
***************************
मानव न कर्म बोलते,गुल बू से लुभाते।
जिंदगी आनी-जानी,वच अमर हो जाते।।
वच अमर हो जाते,दंभी नहीं मिसाल बन।
जग के अक्ष पर रे,भानु-सा बनके जा तन।
सुन प्रीतम की बात,सद् विचार रहते हैं नव।
मरता यहाँ शरीर,मरता नहीं है मानव।
********राधेयश्याम बंगालिया
प्रीतम कृत*********************

Author
Recommended Posts
??दुख की माँ सिर धुनेगी??
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद *************************** 1..कुंडलिया *************************** हँस फूलों की तरह तू,खिल चाँद-सा भैया। पार हो जाएगी रे, भव-सागर से नैया।। भव-सागर से नैया,ज़िन्दगी... Read more
प्रीतम की कुंडलिया
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद **************************** 1..कुंडलिया **************************** कल किसी के हाथ नहीं,बडे बोल न बोलो। सबका आदर करो तुम,अहं सहित न डोलो।। अहं सहित... Read more
कुंडलिया-3...सुन प्रीतम की बात
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद दोहा+रोला=कुंडलिया छंद.......... 1-कुडलिया मरना जीना सत्य है, क्यों रोते हो बंधु। फूल झर टहनी से,मिले मिट्टी खो गंधु।। मिले मिट्टी... Read more
कुंडलिया छंद........???
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद ************************** 1..कुंडलिया ************************** हौंसला न हारिए रे,बढ आगे तुफां बन। जीतेगा तू ही यार,चल रे फलसफा बन।। चल रे फलसफा... Read more