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प्रिया बावरी

दुष्यंत कुमार पटेल

दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

कविता

November 13, 2017

*कविता*

हो राधा मीरा की जैसी,तुम कान्हा की दीवानी l
है चल चितवन है चन्द्रवदन, तुम अलबेली मस्तानी ll
हो तितली सी पग है नलिनी,हो इन्दु जमीं की रानी l
मृदु मुस्कान कुसुम के जैसा,औ’ तेरी चुनरी धानी ll

लब पंखुड़ी और कमलनयन, रेशम जुल्फों का बादल l
बिंदी सूरज की लाली सी,श्यामल आंखों का काजल ll
विमल ह्रदय औ’ गाल गुलाबी,इंद्रधनुष सा है आंचल l
पास बुलायें सुब्हो शामें,छन-छन कर तेरी पायल ll

सुन तो मोरे प्रिया बावरी,आ बन जा तू हमजोली l
मेरे दिल मधुवन में आ कर,खेलों जी भर के होली ll
चाल सलोनी हिरनी सी है,फ़िर भी हो तुम तो भोली l
दिल में मेरे आ रंगे तुम,चाहत की बन रंगोली ll

अमृत अभय मधु वैभव तुम में,भूमि तुम्ही रब की बरकत l
नव बसंत सौगात तुम्हीं से,मंजु धरा की हो जन्नत ll
मधुर कसक है अन्तर्मन में ,उस दीवानी की हसरत l
दामन खुशियों से भरी रहें,की रब से इतनी मन्नत ll

✍ दुष्यंत कुमार पटेल

Author
दुष्यंत कुमार पटेल
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com
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