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प्रियतम

सोचू आज एक खत प्रियतम मै तुम्हारे नाम लिखूँ
खत में दिल कि सब बाते लिखूँ
संग बीते एक एक पल लिखूँ
सपनो कि उड़ानो के परवाज़ लिखूँ
अपने दिल कि वो हर बात लिखूँ
तेरे लिए मेरे सारे ज़ज्बात लिखूँ
तुम प्रियतम हो मेरे साजन
दर्पन हो मेरे मन के तुम
जो दी तुमने मुझे वो सारी सौगात लिखूँ
मेरे जीवन कि बेला मे क्या क्या रंग बिखेरे तुमने
आज दिल के वो सारे ख्यालात लिखूँ
दिल कहता है प्रियतम मेरे
प्रेयसी बन आज एक प्रेम पत्र तेरे नाम लिखूँ

मिशा


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मिशा मै अपराजिता
मिशा मै अपराजिता
देहरादून
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