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प्रश्नोत्तरी

Rajeev 'Prakhar'

Rajeev 'Prakhar'

कविता

June 18, 2016

झूठ बोल सकते हो ?
नहीं साहब l

चोरों लुटेरों की मदद कर सकते हो ?
नहीं साहब l

किसी निर्दोष और लाचार को सता सकते हो ?
नहीं साहब l

तो राजनीति में आने का सपना,
पूरी तरह भूल जाओ l
ऐसा करो, कुछ दिन,
दरोगा जी के साथ बिताओ l
बाद में आकर हाल बता जाना,
जब सब कुछ सीख जाओ,
तो राजनीति में आ जाना l

(सर्वाधिकार सुरक्षित)

– राजीव ‘प्रखर’
मुरादाबाद
मो. 8941912642

Author
Rajeev 'Prakhar'
I am Rajeev 'Prakhar' active in the field of Kavita.
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