Jul 19, 2017 · कविता
Reading time: 1 minute

* तेरा मेरा प्रभु ये कैसा नाता है *

तेरा मेरा प्रभु ये कैसा नाता है !

तेरे भजन में मुझको आनन्द आता है ,
देखे बिन तुमको नहीं दिल ये बहलता है ।
तेरे सुमिरन बिन नहीं चैन मिलता है ,
बस तेरी भक्ति में दिल मेरा रमता है ।।

तेरा मेरा प्रभु ये कैसा नाता है !

तेरे बिना न कुछ भी मुझको भाता है ,
देखे बिन तुमको नहीं दिन ये गुजरता है ।
सोते जागते हर पल तेरा ध्यान रहता है ,
तेरे बिना ये जीवन मुझे सुना लगता है ।।

तेरा मेरा प्रभु ये कैसा नाता है !

हर पल नाम तेरा, मेरा मन ये ध्याता है ,
देखे बिन तुमको नहीं दिल ये लगता है ।
देख के महिमा तेरी दिल ख़ुश हो जाता है ,
प्रभु तेरी लीला दिल समझ न पाता है ।।

तेरा मेरा प्रभु ये कैसा नाता है !

3 Likes · 694 Views
Copy link to share
Neelam Chaudhary
111 Posts · 80.3k Views
Follow 47 Followers
*Writer* & *Wellness Coach* ---------------------------------------------------- मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी... View full profile
You may also like: