कविता · Reading time: 1 minute

प्रभु का आशीर्वाद नहीं

जब तन है
तब मन नहीं
जब मन है
तब तन नहीं
जब तन है
मन है
साधन नहीं
जब तन है
मन है
साधन है
सेवा नहीं
जब तन है
मन है
साधन है
सेवा है
प्रभु का आशीर्वाद नहीं
प्रभु की स्नेह वर्षा नहीं
प्रभु की उसके भक्त पर पड़ी
कृपा दृष्टि नहीं
प्रभु की भक्ति में रह गई कहीं कोई कमी
यह शरीर आत्माविहीन
ऐसा महसूस हो रहा कि
इसमें लेशमात्र भी शक्ति नहीं।

मीनल
सुपुत्री श्री प्रमोद कुमार
इंडियन डाईकास्टिंग इंडस्ट्रीज
सासनी गेट, आगरा रोड
अलीगढ़ (उ.प्र.) – 202001

2 Likes · 98 Views
Like
444 Posts · 30.7k Views
You may also like:
Loading...