प्रधानमंत्री या सेवक

मेरे नहीं है कोईआगे।
मेरे नहीं है कोईपीछे।
भारतमाता की रक्षा में,
इसीलिए हूँ आगे-आगे ।
पीछे केवल प्यार आपका,
जो मुझको संबल देता है,
यही भरोसा , यही प्यार ही,
नई ऊर्जा गति देता है।
प्रधानमंत्री न मानो मुझको,
इतना ही बस दे दो हक ।
युगों-युगों तक सदा आपका,
बना रहूँ केवल सेवक।
बना रहूँ केवल सेवक,
भ्रष्टाचार को रोक सकूँ ।
जहाँ-जहाँ जो भी त्रुटियाँ हों,
उन्हें ठीक से टोक सकूँ ।
जनता के ही बलबूते पर ,
कालाधन भी खोज रहा हूँ ,
है ज़रूरत जितने धन की,
उतना सबको छोड़ रहा हूँ ।
शेष देश को लौटा दो तुम,
मानो न इसमें तुम खोट ।
देश बदलना,माँग समय की,
इसीलिए तुम बदलो नोट ।
इसीलिए तुम बदलो नोट ।

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 937

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share