कविता · Reading time: 1 minute

प्रणव दा श्रद्धांजलि

**प्रणव दा श्रद्धांजलि***
********************

श्रद्धा के सुमन भेंट चढाएँ
प्रणव दा का शोक मनाएँ
भारतवर्ष के पूर्व राष्ट्रपति
नतमस्तक हो शीश झुकाएँ

भारतीय राजनीतिक गौरव
खिलते चमन की थे सौरभ
कार्यशैली का ढंग निराला
हरफनमौला के गुण गाएँ

अहम सौपानों पर आसीन
जुड़े रहे संग पुश्तैनी जमीन
सर्वदलीय सम्मान था पाया
करबद्ध विनती वंदन गाएँ

सच्ची श्रद्धांजलि है समर्पित
फूलों की सुंदर माला अर्पित
तेजस आभा कर सुसज्जित
राष्ट्रीय ध्वज मान में झुकाएँ

भारत माँ का सपूत लाडला
माटी का माटी में घुल मिला
मनसीरत नम नैनों से विदाई
शोकगीत शोकाकुल हैं गाएँ
**********************
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

1 Comment · 34 Views
Like
Author
सुखविंद्र सिंह मनसीरत कार्यरत ःःअंग्रेजी प्रवक्ता, हरियाणा शिक्षा विभाग शैक्षिक योग्यता ःःःःM.A.English,B.Ed व्यवसाय ःःअध्ययन अध्यापन अध्यापक शौक ःःकविता लिखना,पढना भाषा ःःहिंदी अंग्रेजी पंजाबी हिन्दी साहित्यपीडिया साईट पर प्रथम रहना प्रतिलिपि…
You may also like:
Loading...