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प्यार जबसे मिला खिल कमल हो गए

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

January 8, 2017

प्यार जबसे मिला खिल कमल हो गए
नैन तुमसे मिले फिर सज़ल हो गए

चुप रहे हम कहा कुछ नहीं था कभी
पर अधर बावरे ये विकल हो गए

प्यास कैसे बुझेगी बताओ हमें
स्त्रोत जल के सभी जब गरल हो गए

तुमको पाकर हमें आज ऐसा लगा
कर्म जैसे हमारे सफल हो गए

साथ रहकर तुम्हारे सजन आज तो
झोपड़ी भी हमें अब महल हो गए

थे अधूरे बहुत हम तुम्हारे बिना
तुम मिले ‘अर्चना’ हम ग़ज़ल हो गए
डॉ अर्चना

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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