प्यार क्या है ?

प्यार की कोई सूरत नहीं होती
कोई भाषा नहीं
कोई आवाज नहीं…
प्यार की कोई नजर नहीं होती
कोई चाल नहीं
कोई चलन नहीं…
प्यार का कोई रिश्ता नहीं होता
कोई रस्म नहीं
कोई रिवाज नहीं…
प्यार का कोई बंधन नहीं होता
कोई वादा नहीं
कोई संबंध नहीं…
प्यार की कोई उम्र नहीं होती
कोई छोटा नहीं
कोई उम्रदराज नहीं…
प्यार कोई शादी का बंधन नहीं
कोई पीहर नहीं
कोई ससुराल नहीं…
प्यार की कोई परिभाषा नहीं है
कोई शब्द नहीं
कोई अर्थ नहीं…
प्यार कोई मंज़िल नहीं हैं
कोई राह नहीं
कोई गुमराह नहीं…
प्यार की कोई सीमा नहीं है
कोई दूर नहीं
कोई पास नहीं…
प्यार का कोई धर्म नहीं है
कोई जात नहीं
कोई रंग नहीं…
प्यार बस मन का भरना नहीं
कोई भूख नहीं
कोई प्यास नहीं…
प्यार बस एक एहसास है
एक सीरत का
किसी अजनबी के साथ…
प्यार बस समर्पण है
इच्छाओं का त्याग
किसी अपने के साथ…
प्यार मिलन है,आत्माओं का
प्यार एक शक्ति है
प्यार नवधा भक्ति है…

मृत्युंजय सिसोदिया
9549403468
mratyunjaysisodiya@gmail.com

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किसी से दूर रह कर भी किसी की सोच में रहना, किसी के पास रहने...
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