गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

प्यार को प्यार दिलाया जाये

प्यार को प्यार दिलाया जाये
इस तरह क़र्ज़ चुकाया जाये

नाँव कागज़ की बना कर उसमें
मन है बचपन को घुमाया जाये

कैसे खामोश लबों को रख
राज नैनों से छिपाया जाये

दूर तक साथ चला करता है
रिश्ता गर दिल से निभाया जाये

मार कर दिल नहीं मिलती खुशियाँ
क्यों बिना बात दबाया जाये

अर्चना वक़्त मिला जो हमको
मौज से क्यों न बिताया जाये

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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