प्यार के रंग बिखेरो (कविता)

जिंदगी में हमेशा हर रिश्ते के संग
मनोरम प्यार से दिलों में भरो रंग

जिस भी महफ़िल में रखो कदम
अपनी मुस्कान को बिखेरो हरदम

आपस में ही गिले-शिकवे भुलाना
नहीं बनने दो कोई भी अफसाना
प्यार से पेश करो रंगभरा नजराना

हैं आज अगर इस दुनियां में हम
तो हर एक पल का लुत्फ उठाते हुए,
उस ईश्वर का शुक्रियादा करते हुए,
उसने हमें इस काबिल तो समझा
हम अपनी रंगभरी प्यारी मुस्कान से
सबको प्रफुल्लित कर यूं ही चलते रहें,

अगले पल का पता नहीं हमें साथियों
किसका साथ राह में कब छूट जाए,
इसलिए बहनें दो हर तरफ प्यार की बोछारें
बहती नदियों की धार सी हों प्यार की फुहारें

जिंदगी के धूप-छांव की कशमकश में
उतार-चढ़ाव की मझधार में हो कोई साथी,
हमेशा रहेगी आरती की जीवन में अभिलाषा
अटल उमड़ते रंगों से सराबोर प्यार की परिभाषा
हिम्मत के साथ जीवन बिताते चलो साथियों,

जीवन में प्यार के हर रंग में ही समाये हैं
वह यादगार लम्हें जो उसकी प्यारी सी मुस्कान
अपने दिलों में संजोकर रखते हैं ।

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like 2 Comment 0
Views 4

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share