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प्यार की बारिश हो जाये/मंदीप

Mandeep Kumar

Mandeep Kumar

कविता

September 20, 2016

प्यार की बारिश हो जाये/मंदीप

चारो तरफ प्यार की बारिश हो जाये,
हर एक कली फूल बन जाये।

मिटा दो अब सभी फासले,
दो दिल अब एक हो जाये।

मत हार देख तुम दरिया को,
कर बरोसा खुद पर हर दरिया पार हो जाये।

सिख ले एक दूसरे से सभी,
हर एक आदमी इंसान बन जाये।

ना ले अगर हम दहेज किसी से,
किसी की बेटी आत्महत्या ना करने जाये।

साथ ना दे कभी झूठ का,
एक बार फिर राम राज आ जाये।

हो अगर दिल में प्यार ,
दो सरहदे एक हो जाये।

“मंदीप” बोल हमेसा प्यार की भाषा,
फिर इंसान तो क्या जानवर भी दोस्त बन जाये।

मंदीपसाई

Author
Mandeep Kumar
नाम-मंदीप कुमार जन्म-10/2/1993 रूचि-लिखने और पढ़ाने में रूचि है। sirmandeepkumarsingh@gmail.com Twitter-@sirmandeepkuma2 हर बार अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ। और रही बात हम तो अपना दर्द लिखते है।मेरा समदिल मेरे से खुश है तो मेरी रचना उस के दिल का... Read more
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