प्यार की कसम//गीत//

प्यार की कसम
आ जा लौट के सनम
खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में
तेरा जाने से वों सनम …..

लगता नहीं दिल कहीं अब तो
मौसम भी मुझसे खफा हों गई
मेरी ज़िंदगी अब सजा हों गई
प्यार की कसम
आ जा लौट के सनम
खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में
तेरा जाने से वो सनम ……1

उम्मीद प्यार के कर तो रहा था
सच कहते हैं तेरे लिये जी रहा था
माना कि कुछ पल दूर था तुमसे
तुझको एक पल भी भूलेंगे ना हम
प्यार की कसम
आ जा लौट के सनम
खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में
तेरा जाने से वों सनम…..2

मेरे दिल की बेचैनी को
काश तुम समझी होती
दिल तोड़ के ना तू गई होती
मिल जाता जीने का सहारा वो सनम
प्यार की कसम
आ जा लौट के सनम
खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में
तेरा जाने से वों सनम…..3

बन गई हूँ एक सूखी नदी
खबर ना रहा अब ज़िंदगी की
आ जा ना बनके धारा प्रेम की
आ लिखेंगे प्रेम कहानी हमतुम
प्यार की कसम
आ जा लौट के सनम
खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में
तेरा जाने से वों सनम….4

ज़िंदगी की गलियाँ होगी गुलज़ार
तेरे लिये लेंगे जन्म सौ-सौ बार
लुटाने की तमन्ना जान तुझपे यार
ये सच हैं ख्वाब नहीं मेरे सनम
प्यार की कसम
आ जा लौट के सनम
खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में
तेरा जाने से वो सनम ….5

आ ज़िंदगी को कर दे रोशन
सुलझा तू ज़िंदगी की उलझन
तेरी चाहत की रंग में रंगा हैं मन
तुझे क्या खबर वों बेखबर सनम
प्यार की कसम
आ जा लौट के सनम
खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में
तेरा जाने से वो सनम….6

1 Like · 112 Views
Copy link to share
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing -... View full profile
You may also like: