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प्यार का रोग ये लगा कब का

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

November 14, 2017

प्यार का रोग ये लगा कब का
दर्द बदले में भी मिला कब का

जिन्दगी समझा था जिसे अपनी
छोड़ वो ही हमें गया कब का

रँग गया रँग में वो जमाने के
भूल अपनी गया वफ़ा कब का

रह गये हम तो सोचते ही बस
कर चुका वो तो फैसला कब का

जान पाये नहीं अभी तक हम
वक़्त खुशियों से था भरा कब का

रोज करते थे अनगिनत बातें
हो गया खत्म सिलसिला कब का

‘अर्चना’ का असर हुआ शायद
पूरा सपना मेरा हुआ कब का

डॉ अर्चना गुप्ता
14-11-2017

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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