प्यारी माँ

माँ शब्द अपने आप में पूर्ण है,
हमारे जीवन में उनका प्यार परिपूर्ण है।
माँ के दिल में बच्चों की खास जगह होती है,
उनके लिए हमेशा हँसती रोती है।
हम खुश होते तो वो भी खुश होती है,
अगर दुख हो हमें कुछ तो,
तकलीफ उन्हें भी होती है।
चाहे हो खुशी या गम,
तकलीफों में साथ देती हरदम।
हमारी आँखों के अश्रु को ,
सहन कर नहीं पाती है माँ।
हर संभव करती प्रयास,
ना हो बच्चों को दुख संताप।
लबों पे उसके कभी भी,
बद्दुआ नहीं होती है,
चाहे बच्चे कुछ भी दे दे दुख
हमेशा अपने बच्चों के लिए चाहती है सुख।
माँ करुणा दया की मूर्ति है,
सारे जग में उनकी कीर्ति है।

ममता रानी
राधानगर, (बाँका)
बिहार

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "माँ"

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