प्यारी बेटी

प्यारी बेटी

ना दुनियां से, ना दोलत से, ना घर आबाद करने से, !
तसल्ली दिल को मिलती है! बेटी को याद करने से, !!

दुनियां में उसके जैसा कोई प्यारा नहीं,
किसी भी बेटी का कोइ मोल नहीं !!

हर दुःख दर्द को सहती है बेटीयां,
मुसीबत में काम आती है, बेटीयां,

जो दुनियां में खुशीयाँ देती है,
वही है माँ और बहन हमारी,
वही है प्यारी, बेटी तुमारी, !!

यदि मारते रहे बेटीयों को, इस तरहा तुम,
तो माँ किससे कहलाओगे,

एक बेटे की विनती तुम से,
क्यों फर्क हममे बनाते हो, !!

मत मारो इन्हें जन्म देदो,
इनको भी देखने दो संसार, !!

This is a competition entry

Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "बेटियाँ"

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