प्यारी बहना... .

“बहना”कभी आँसुओं के संग मत बहना
हमेशा हर घड़ी संग-संग रहना!
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भइया है तुम्हारा सबसे प्यारा
मम्मी नहीं तो क्या हुआ भइया की परी हो!
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जिम्मेदारियाँ तुम्हारी सब निभायेगा
बालों में कंघी, माथे पर बिन्दी होंठो पर
मुस्कान वापस लायेगा!
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मम्मी की तरह मैं हूँ अब, तू पहले खायेंगी
फिर मैं देखकर खुश तुझे अपनी भूख मिटाऊँगा!
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राखी का बन्धन, जन्मों का संगम है
तेरी रक्षा मेरे जीवन का अनमोल बन्धन है!
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होना नहीं मायूस कभी कुछ सोचकर
भइया नहीं मम्मी भी हूँ मैं खुश रहना यह सोचकर!
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एक दिन तू भी मुझे खूब रूलायेंगी
जब तू मुझे छोड़कर इस घर से जायेंगी!
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सच बहना तेरी कंघी ,तेरी बिन्दी
तेरे बचपन की बहुत याद आयेगी!
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तेरा टूटा वह खिलौना जब बहुत रोयी थी
मैंने मम्मी की तरह आँचल में भरकर समझाया
था तुझे!
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गुड्डे-गुड़ियों की कहानी और तेरी वो
दादी जैसी जुबानी सच बहुत रुलायेंगी!
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तू रुठ जाती थी जब कोई तेरे बाल बिगाड़ देता
फिर मैं घण्टों बैठ पास तेरे बाल बनाया करता!
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कोई कुछ कह देता!झट दौड़कर शिकायतें मुझसे!
अपनी बाँहों के आलिंगन में मम्मी जैसे प्रेम
दिखाया करता था!
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आज तू हो गयी है बड़ी सयानी
बिखरे हैं अब बाल मेरे और तू बन गयी मम्मी की जुबानी!
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शालिनी साहू
ऊँचाहार, रायबरेली(उ0प्र0)

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