Jul 8, 2016 · गीत

पैरोडी

चल दिए माँ के मढ़ुलिया ओए क्या बात हो गयी !
भक्तो की माँ शारद से मुलाक़ात हो गयी !!

लंगड़ लूले स्वयं को ही भूले ,
चढ़े बिना झूले जय बोले !!

माँ की ममता का यारो क्या कहना ,
दिल से अर्पण करू चुनरी गहना !!

जो भी आये द्वारे ख़ुशी बरसात हो गयी !
भक्तो की माँ शारद से मुलाक़ात हो गयी !!

पूरी हो मागे बिना मेरे मागे ,
बाधे कच्चे धागे अभागे !!

माँ जुगनू की गल्ती छमा करना ,
माँ मुस्किल है महिमा बयां करना !!

माँ तेरे चरण छुआ तो करामात हो गयी !
भक्तो की माँ शारद से मुलाक़ात हो गयी !!

मैंने माँ को माना मुझे जग जाना ,
वाह वाह कहता ज़माना !!

माँ तेरी कृपा से खड़ा हू मै ,
खुद ना जानू कि कितना बड़ा हू मै !!

तुलसी मीरा के जैसी मेरी औकात हो गयी !
भक्तो की माँ शारद से मुलाक़ात हो गयी !!

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love is life
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