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पुकार

पुकार
………
एक मासूम अबोध बच्चा
जब रोता है
तब वो वास्तव में अपनी मां से
अनुरोध/पुकार करता है
कि हे माँ
इस धरती पर प्रथम
बस एक तेरा सहारा मिला,
ईश्वरीय प्रतिरूप में
तेरे आँचल का सहारा मिला।
अब तू मुझे अपने से दूर मत करना,
ईश्वर का संदेश
सदा स्मरण रखना,
ईश्वर के प्रतिरूप में ही
सदा रहना।
ईशवर के इस अंश को
कभी अपने से दूर मत करना।
हे माँ!
मुझे जो एक तेरा सहारा मिला है,
उसकी डोर को तू कभी
कमजोर मत करना,
ईश्वर के इस अंश को सदा
अपने साये में महफूज रखना।
✍सुधीर श्रीवास्तव

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संक्षिप्त परिचय ============ नाम-सुधीर कुमार श्रीवास्तव (सुधीर श्रीवास्तव) जन्मतिथि-01.07.1969 शिक्षा-स्नातक,आई.टी.आई.,पत्रकारिता प्रशिक्षण(पत्राचार) पिता -स्व.श्री ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव माता-स्व.विमला देवी धर्मपत्नी,-अंजू श्रीवास्तवा पुत्री-संस्कृति, गरिमा संप्रति-निजी कार्य स्थान-गोण्डा(उ.प्र.) साहित्यिक गतिविधियाँ-विभिन्न विधाओं की रचनाएं कहानियां,लघुकथाएं…
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