कविता · Reading time: 1 minute

पिता को नमन (विधा सायली)

1
गलती
डांट पड़ती
चुप खड़ा मैं
पिता सामने
नमन

2
रक्षा
देश की
सैनिक बना मैं
आशीष पिता
सलूट

स्वलिखित लेखक संतोष श्रीवास्तव भोपाल

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