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पागल

सागर यादव 'जख्मी'

सागर यादव 'जख्मी'

मुक्तक

March 20, 2017

रात -दिन मेरे जीने की दुआ करती है
वो लड़की अपना फर्ज अदा करती है

आपसे ये किसने कहा कि मै शायर हूँ
मेरी माँ तो मुझे पागल कहा करती है

Author
सागर यादव 'जख्मी'
नाम- सागर यादव 'जख्मी' जन्म- 15 अगस्त जन्म स्थान- नरायनपुर पिता का नाम-राम आसरे माता का नाम - ब्रह्मदेवी कार्यक्षेत्र- अध्यापन माँ सरस्वती इंग्लिश एकाडमी ,सरौली,जौनपुर ,उत्तर प्रदेश. प्रकाशन -अमर उजाला ,दैनिक जागरण ,रचनाकार,हिन्दी साहित्य ,स्वर्गविभा,प्रकृतिमेल ,पब्लिक इमोशन बिजनौर ,साहित्यपीडिया... Read more
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