.
Skip to content

पहला लोटा शौच का

कृष्णकांत गुर्जर

कृष्णकांत गुर्जर

दोहे

February 4, 2017

शौचालय से हो रहा है पानी का नाश|
जल ही जीवन है,सबको है विश्वाश||

पहला लोटा शौच का,दूजा बुझाये प्यास|
एक बाल्टी पानी मे, कपड़े फसक्लास||

पानी पानी सब कहते है पानी से सब आस|
विन पानी सब सून है तन है खाली लास||

नदी बेचारी सूख गई,बर्षा पर विश्वास |
जीव जॉतु पशु मोर पपीहा,सब लगाये आस||

नोट बंदी ने ले लई है रे सबकी जान |
कछु दिना मे मोदी जी ने कर दओ है कल्यान||

Author
कृष्णकांत गुर्जर
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303
Recommended Posts
आस!
चाँद को चांदनी की आस धरा को नभ की आस दिन को रात की आस अंधेरे को उजाले की आस पंछी को चलने की आस... Read more
*** हाँ पानी-पानी  ***
हाँ पानी - पानी इस जीवन की रवानी हाँ पानी-पानी बहता निर्मल जल हरपल पानी-पानी हाँ पानी - पानी कभी बरखाजल करता छल पानी-पानी कभी... Read more
आँख का पानी ढला
?आँख का पानी ढला? गयी है सूख भावनाओं की नहर हो गया है रेतीला-सा हर पहर आँख का पानी ढला,पर गया किधर आदमी यहाँ कोई... Read more
"पानी की महत्ता"(दोहा छंद) 1. पानी की हर एक बूंद, हैं जीवन आधार। गर जो पानी ना रहे, मिट जाये संसार।। 2. पानी नित बचाईये,... Read more