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पहचान

Santosh Khanna

Santosh Khanna

गीत

February 14, 2017

अपने से पहचान कर लो ।

अपने से पहचान कर लो

क्या किया जीवन में अब तक
दो गे धोखा खुद को कब तक
चल रही हैं सांसे जब तक
कुछ तो अच्छा काम कर लो
अपने से पहचान कर लो।

ढल गया सूरज तो अब तक
प्रारब्ध को रोओ गे कब तक
जाग उठो सोओ गे कब तक
आओ गगन के गान कर लो
अपने से पहचान कर लो

क्या हुआ जाना जो सब को
क्या हुआ जाना न रब को
जाना नहीं सांसों के ढब को
अब तो शर सन्धान कर लो
अपने से पहचान कर लो।

Author
Santosh Khanna
Poet, story,novel and drama writer Editor-in-Chief, 'Mahila Vidhi Bharati' a bilingual (Hindi -English)quarterly law journal
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