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“पर्यावरण संरक्षण” हाइकु

Dr.rajni Agrawal

Dr.rajni Agrawal

हाइकु

July 7, 2017

“पर्यावरण संरक्षण” हाइकु

(१)धरा उदास
दहकते पलाश
मेघा बरसो।

(२)बढ़ी आबादी
प्रकृति की बर्बादी
जंगल कटे।

(३)बहा तेजाब
प्रदूषित सैलाब
धरती रोई।

(४)फूटा बादल
भिगोया मरुस्थल
गीला आँचल।

(५)पेड़ लगाओ
प्रदूषण हटाओ
वन बचाओ।

डॉ. रजनी अग्रवाल “वाग्देवी रत्ना”
संपादिका-साहित्य धरोहर
महमूरगंज, वाराणसी (मो.-9839664017)

Author
Dr.rajni Agrawal
 अध्यापन कार्यरत, आकाशवाणी व दूरदर्शन की अप्रूव्ड स्क्रिप्ट राइटर , निर्देशिका, अभिनेत्री,कवयित्री, संपादिका समाज -सेविका। उपलब्धियाँ- राज्य स्तर पर ओम शिव पुरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार, काव्य- मंच पर "ज्ञान भास्कार" सम्मान, "काव्य -रत्न" सम्मान", "काव्य मार्तंड" सम्मान, "पंच रत्न"... Read more
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