Apr 28, 2017 · मुक्तक
Reading time: 1 minute

परशु-धार-सम ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति

परशु-धार सम-ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति
के शुभ सुंदर मिलन-सम परशुराम की नीति|
सदा बीरता की सुगति, सहित सघन शिव-भक्त |
इसीलिए तो हो गई, अमर,कीर्ति-प्रभुरीति|
…………………………………………………….

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

आप सभी को भगवान परशुराम जयन्ती पर अनंत हार्दिक शुभकामनाएं |

28 अप्रैल 2017

197 Views
Copy link to share
Pt. Brajesh Kumar Nayak
158 Posts · 44.4k Views
Follow 14 Followers
1) प्रकाशित कृतियाँ 1-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" काव्य संग्रह 2-"क्रौंच सु ऋषि आलोक" खण्ड काव्य/शोधपरक ग्रंथ... View full profile
You may also like: