परशु-धार-सम ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति

परशु-धार सम-ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति
के शुभ सुंदर मिलन-सम परशुराम की नीति|
सदा बीरता की सुगति, सहित सघन शिव-भक्त |
इसीलिए तो हो गई, अमर,कीर्ति-प्रभुरीति|
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बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

आप सभी को भगवान परशुराम जयन्ती पर अनंत हार्दिक शुभकामनाएं |

28 अप्रैल 2017

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