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पत्थर हूँ नींव का ..नींव में ही रहूँगा

Dinesh Dave

Dinesh Dave

मुक्तक

July 25, 2016

दो मुक्तक ….
1..
पत्थर हूँ नींव का ,नींव में ही रहूँगा
मेरी गौरव गाथा मैं खुद ही कहूँगा
इमारतें मेरे दम पर ही खड़ी रहती
पुण्य किया है सदा नींव में लगूँगा

2..
मुश्किल से बूँद बूँद से घड़ा है भरा
डरता हूँ कहीं छलक न जाये जरा
भविष्य सुधारने के चक्कर में पड़
वर्तमान को तो हमेशा ताक में धरा

“दिनेश”

Author
Dinesh Dave
मेरा परिचय नाम दिनेश दवे पिता का नाम श्री बालकृष्ण दवे शैक्षणिक योग्यता :बी ई मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एम बी ए लेखन एवं प्रकाशन : विगत पांच वर्षो से लेखन, अभी तक साँझा प्रकाशन , पता 2/एल आई पी एल ब्लाक,... Read more
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