31.5k Members 51.9k Posts

पत्थर दिल

Aug 9, 2016 12:05 PM

लोग कहते हैं मुझे पत्थर दिल

जिन्दा तो हूँ पर जीवन रहित

अब ये सच लगता है मुझे भी

डरने लगी हूँ अपनी ही परछाई से भी

टकरा कर छोटे बड़े पाषाणों से

पत्थर सा दिखने लगा है ये तन

खाकर इनसे ठोकरें बार बार

टूट सा गया है ये मन

पर सच तो है ये भी

न हो भले ही पत्थर में जीवन

पर टकराते है जब वो आपस में

दे देते हैं संगीतमय तरंग

तराशे जाते हैं

जब सधे हाथों से

भर जाता है सौंदर्य से

इनका कण कण

हाँ मैं भी हूँ ऐसी ही पत्थर दिल

जिसमें प्राण भी है और जीवन भी

संगीत भी है और सौंदर्य भी

बस तराशने वाला कोई जाये मिल

– डॉ अर्चना गुप्ता

4 Comments · 151 Views
Dr Archana Gupta
Dr Archana Gupta
मुरादाबाद
941 Posts · 96.6k Views
डॉ अर्चना गुप्ता (Founder,Sahityapedia) "मेरी प्यारी लेखनी, मेरे दिल का साज इसकी मेरे बाद भी,...
You may also like: