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पतझार में भी हमको मधुमास दे गया वो

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

December 15, 2016

पतझार में भी हमको मधुमास दे गया वो
बदलेंगे फिर ये मौसम आभास दे गया वो

अब आँख से हमारी बहते नहीं हैं आँसू
इस बार गम हमें यूँ कुछ ख़ास दे गया वो

वैसे तो प्यार देकर वो भर गया समन्दर
पर अनबुझी सी हमको इक प्यास दे गया वो

हमको किसी ख़ज़ाने से कम नहीं लगे हैं
जो प्यार के सुकोमल अहसास दे गया वो

अब इंतज़ार में ही जीवन गुज़ार देंगे
मिलने की ‘अर्चना’को इक आस दे गया वो

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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