पतंग बाल कविता

बाल कविता
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उडती नभ में लाल पतंग,
जुड़े हैं धागे उसके संग।
खींच रहे जब नीचे डोर,
उडती है वह नभ की ओर।
उछल रहे हैं संगी साथी
लूट रहे हैं कटी पतंग।
एक दूजे में होड लगी है ।
काट लगाने की है जंग।
रंग बिरंगी उडी पतंग ।
धागे के संग जुडी पतंग,
लाल पीली हरी बैगनी।
कई रंग की उडी पतंग ।
विन्ध्य प्रकाश मिश्र *विप्र*

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विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र काव्य में रुचि होने के कारण मैं कविताएँ लिखता हूँ । मै...
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